Панҷ байти қитъаи ?ут каз ганҷ омад фузун
پنج بیت قطعه ات کز گنج آمد فزون
Ман чаҳ гӯям чун Низомиро ҷавобаш ҳад набӯд
من چه گویم چون نظامی را جوابش حد نبود
Ту сухан кардӣ равона назд ман ман бандаи он
تو سخن کردی روانه نزد من من بنده آن
Гарчи фикри нек буд он аз ту ин ҳам бад набӯд
گرچه فکر نیک بود آن از تو این هم بد نبود
Дар ҷавоби шеър чун оби равонати байти мо
در جواب شعر چون آب روانت بیت ما
Хонаи зин буд ва моро зини равонтар худ набӯд
خانه زین بود و ما را زین روانتر خود نبود