Ғами кишти марои он бут нўшод наомад
غم کشت مرا آن بت نوشاد نیامد
Гунҷишки брмд аз хафа , сайёд наомад
گنجشک برمد از خفه، صیاد نیامد
Ошиқ шудам , ин буд гунаҳ , вой ки ҳиҷраш
عاشق شدم، این بود گنه، وای که هجرش
Ҷони барад ва азин як гунаҳ озод наомад
جان برد و ازین یک گنه آزاد نیامد
Бар гиряи ошиқ ки задам ханда , намардум
بر گریه عاشق که زدم خنده، نمردم
То пеши ду чашми ман ношод наомад
تا پیش دو چشم من ناشاد نیامد
Чаҳ суди азин мурдан бебаҳра ки ширин
چه سود ازین مردن بی بهره که شیرین
Рӯзӣ ба сари турбат Фарҳод наомад
روزی به سر تربت فرهاد نیامد
Гуфтӣ ки шабии зуди расм , рӯз бидам байн
گفتی که شبی زود رسم، روز بدم بین
Кон низ ба рӯз дигарат ёд наомад
کان نیز به روز دگرت یاد نیامد
Бо хок насозад , чаҳ кунад ин тани хокӣ
با خاک نسازد، چه کند این تن خاکی
Имрӯз ки аз ҷониби ту бод наомад
امروز که از جانب تو باد نیامد
Тороҷ хаёлат шудаму бадарғаи сабр
تاراج خیالت شدم و بدرقه صبر
Онҷо ки марои дӯш раҳ афтод наомад
آنجا که مرا دوش ره افتاد نیامد
Фарёди кунони дай ба сари кӯй ту рафтам
فریاد کنان دی به سر کوی تو رفتم
Ҷузи гиря касе дар пай фарёд наомад
جز گریه کسی در پی فریاد نیامد
Хусрав , ба ситами ҷони даҳу инсофи мҷу , зонк
خسرو، به ستم جان ده و انصاف مجو، زآنک
Дар мазҳаби хубон равиш дод наомад
در مذهب خوبان روش داد نیامد