Аз чашми ту ки ҳаст зи ту ҷони шикортар
از چشم تو که هست ز تو جان شکارتر
Дил нест дар ҷаҳони зи дили ман фигортар
دل نیست در جهان ز دل من فگارتر
Май гӯии талх аз он лаби ширин ки заҳри тест
می گوی تلخ از آن لب شیرین که زهر تست
зи оби ҳаёт бар дилу ҷони созгортар
ز آب حیات بر دل و جان سازگارتر
Халқ аз ту бо камоли вафо бо шикоятанд
خلق از تو با کمال وفا با شکایتند
Ман ҳар чаҳ беш май кашеми шармсортар
من هر چه بیش می کشیم شرمسارتر
Пеши ту ҷони шикофам ва бовар наёядат
پیش تو جان شکافم و باور نیایدت
Ҳаргиз надидаам зи ту бе устувортар
هرگز ندیده ام ز تو بی استوارتر
Гуфтам ки ҳӯшёри шӯ , эй дил , ба кори ишқ
گفتم که هوشیار شو، ای دل، به کار عشق
Ақлам ба гӯш гуфт зи ман ҳӯшёртар
عقلم به گوش گفت ز من هوشیارتر
Дар ишқи бдгўор буд панди душманон
در عشق بدگوار بود پند دشمنان
Ҳқо ки панди дӯст аз он ногувортар
حقا که پند دوست از آن ناگوارتر
Пурсӣ ки чун нахусти дилат биқрор нест
پرسی که چون نخست دلت بیقرار نیست
Гар боварам кунӣ қадре биқрортр
گر باورم کنی قدری بیقرارتر
Рух ҳар чаҳ беш бар дар ту май занам ба санг
رخ هر چه بیش بر در تو می زنم به سنگ
Бахтами нигар ки ҳаст зарам бе айёртар
بختم نگر که هست زرم بی عیارتر
Ҳам худ бурун барор , чу хусрави бгўидт
هم خود برون برآر، چو خسرو بگویدت
Кохр з чист чашми ман сўкўортр ?
کاخر ز چیست چشم من سوکوارتر؟