зи ман чу дил рабӯдӣ рафт ҷон низ
ز من چو دل ربودی رفت جان نیز
Ки дар дил дошт шавқати ин ва он низ
که در دل داشت شوقت این و آن نیز
зи ёқӯти лабати моро тмъҳост
ز یاقوت لبت ما را طمعهاست
Каз ӯ зиндаи сети ҷон ва ҳам равон низ
کز او زنده ست جان و هم روان نیز
Рақибатро мадаи дашном азон лаб
رقیبت را مده دشنام ازان لب
Ки дилро сахт меояд , равон низ
که دل را سخت می آید، روان نیز
Сари пои бӯси ту танҳо на дили рост
سر پا بوس تو تنها نه دل راست
Ки муштоқаст ҷони нотавон низ
که مشتاق است جان ناتوان نیز
Дилӣ будам , шуд он побанди зулфат
دلی بودم، شد آن پابند زلفت
намеёбам азуи ному нишон низ
نمی یابم ازو نام و نشان نیز
Таъолии аллоҳ чаҳ тангаст он даҳонат ?
تعالی الله چه تنگ است آن دهانت؟
Ки фикр онҷо намегунҷад , гумон низ
که فکر آنجا نمی گنجد، گمان نیز
Ғамат , хусрав чаҳ гуяд ошкоро
غمت، خسرو چه گوید آشکارا
Ки натавон гуфт рози ту ниҳон низ
که نتوان گفت راز تو نهان نیز