Бӯстони бушковат ва рӯй лолаи хандони гашти боз
بوستان بشکفت و روی لاله خندان گشت باز
Бар рухи гули турраи сунбули парешони гашти боз
بر رخ گل طره سنبل پریشان گشت باز
Сабзаи хаттӣ чанд баҳри хондан булбул навишт
سبزه خطی چند بهر خواندن بلبل نوشت
Булбули он гуҳ аз хати хубони ғзлхўони гашти боз
بلبل آن گه از خط خوبان غزلخوان گشت باز
Хӯни лола гўиё хоҳад чакид аз теғи кӯҳ
خون لاله گوییا خواهد چکید از تیغ کوه
ё чакид он хӯн ки кӯҳи олӯдаи домони гашти боз
یا چکید آن خون که کوه آلوده دامان گشت باز
Беди ҳам бар сояи худ теғ ларзон баркашид
بید هم بر سایه خود تیغ لرزان برکشید
Сояи зери пои беди афтодаи ларзони гашти боз
سایه زیر پای بید افتاده لرزان گشت باز
Соғари лолаи пар аз май гашт ва ҳам аз буи ӯ
ساغر لاله پر از می گشت و هم از بوی او
Сабза бар рӯй замини афтону хезони гашти боз
سبزه بر روی زمین افتان و خیزان گشت باز
Бози булбул чанг зад дар пардаҳои танги гул
باز بلبل چنگ زد در پرده های تنگ گل
Дар усӯли фохтаи қамарӣ ба дастони гашти боз
در اصول فاخته قمری به دستان گشت باز
Бас ки мурғон дар ҳавои боғпарвар пар заданд
بس که مرغان در هوای باغ پرور پر زدند
Боди гуфто , кин магари чатри сулаймони гашти боз ?
باد گفتا، کاین مگر چتر سلیمان گشت باز؟
Бози кор рафтан боғасту гулгашти чаман
باز کار رفتن باغ است و گلگشت چمن
Баъди азин дар боғ натавон рафт ва натавон гашти боз
بعد ازین در باغ نتوان رفت و نتوان گشت باز
Моҳрӯёни даии тамошои сӯй бустон ме шуданд
ماهرویان دی تماشا سوی بستان می شدند
Офтоб аз абр рух бинмуду пинҳони гашти боз
آفتاب از ابر رخ بنمود و پنهان گشت باز
Соя мегирад заминро , зини таъаҷҷуб дар чаман
سایه می گیرد زمین را، زین تعجب در چمن
Сояҳои гули пар аз хуршеди тобони гашти боз
سایه های گل پر از خورشید تابان گشت باز
Бас ки бар соя нишинон зарфишони гашти офтоб
بس که بر سایه نشینان زرفشان گشت آفتاب
Захмҳои соя бар дунёи зарафшони гашти боз
زخمهای سایه بر دنیا زرافشان گشت باز
Зулфи хубони сар фурӯ афганда ва дар ҳам бимонад
زلف خوبان سر فرو افگنده و در هم بماند
Каз парешонеи марои кишту парешони гашти боз
کز پریشانی مرا کشت و پریشان گشت باز
Гул намехоҳад ки боди гарм бар бустони вазад
گل نمی خواهد که باد گرم بر بستان وزد
Бас ки бустони ҷумлаи пари сӯрӣу райҳони гашти боз
بس که بستان جمله پر سوری و ریحان گشت باز
Ёсамину лоларо як дасти барадии боди гарм
یاسمین و لاله را یک دست بردی باد گرم
Пӯстҳои нозук аз рухсори эшон гашти боз
پوستهای نازک از رخسار ایشان گشت باز
Хуфт наргиси маст ва аз фарёди булбули брнхост
خفت نرگس مست و از فریاد بلبل برنخاست
Ним шаб каз маҷлиси махдуми кайҳони гашти боз
نیم شب کز مجلس مخدوم کیهان گشت باز
Шеъри хусравро фурӯи хонданди мурғони чаман
شعر خسرو را فرو خواندند مرغان چمن
Бе дилии комад ба сӯии боғ бе ҷони гашти боз
بی دلی کامد به سوی باغ بی جان گشت باز