Гуҳи гуҳи назарии бози мадор аз ман дарвеш

گه گه نظری باز مدار از من درویش

Чун манъам бахшанда ба дар юзаи дарвеш

چون منعم بخشنده به در یوزه درویش

Моро дили сад порау лаълат намак олуд

ما را دل صد پاره و لعلت نمک آلود

Машумор ки то рӯзи аҷал ба шавад ин риш

مشمار که تا روز اجل به شود این ریش

Ҳасани ту фузуни боду ҷафои ту фузун тар

حسن تو فزون باد و جفای تو فزون تر

То дарди дили хастаи ман кам нашавад беш

تا درد دل خسته من کم نشود بیش

Ҷоно , макаш акнӯнам азон шева ки доне

جانا، مکش اکنونم ازان شیوه که دانی

Кон сабр намонда сет ки мекардам азин пеш

کان صبر نمانده ست که می کردم ازین پیش

Хуш бош ки он ғамзаи хӯни рези ту мо ро

خوش باش که آن غمزه خون ریز تو ما را

Чандон нгзорд ки гушойии ту сари кеш

چندان نگزارد که گشایی تو سر کیش

Эмини зи хаёли ту ним бо ҳамаи пурсиш

ایمن ز خیال تو نیم با همه پرسش

Қассоб на аз меҳр кунад тарбияти мяш

قصاب نه از مهر کند تربیت میش

Соқии мангар тавба , қадаҳ бар сари ман рез

ساقی منگر توبه، قدح بر سر من ریز

То ғарқа шавад ин хиради маслиҳати андеш

تا غرقه شود این خرد مصلحت اندیش

Имони ман андари шикани зулф батон шуд

ایمان من اندر شکن زلف بتان شد

Кофар кунадам дил ки агар гирдами азин кеш

کافر کندم دل که اگر گردم ازین کیش

эй он ки зании таъна ба хусрави зи паии ишқ

ای آن که زنی طعنه به خسرو ز پی عشق

Ту фориғӣ аз дард ки ман хӯрдам азин неш

تو فارغی از درد که من خوردم ازین نیش