Наёядгар чаҳ ҳаргиз аз Фромш гаштагон ёдаш
نیاید گر چه هرگز از فرامش گشتگان یادش
Ғуломи он сари зулфам ки дар ҳам мекунад бодаш
غلام آن سر زلفم که در هم می کند بادش
Ба мактаби донишии номўхти ҷузи озори мискинон
به مکتب دانشی ناموخت جز آزار مسکینان
Ки донад то кадомин сангдил бӯда сети устодаш
که داند تا کدامین سنگدل بوده ست استادش
Агар чаҳ поси дилҳо нозанин ман наме дорад
اگر چه پاس دلها نازنین من نمی دارد
Дуои ошиқон ҳар ҷо ки бошад посбони бодаш
دعای عاشقان هر جا که باشد پاسبان بادش
Фаромӯш кардӣ дарди худ маро аз роҳи мазлӯмон
فراموش کردی درد خود مرا از راه مظلومان
Худоё каҷ макун мӯеи зи ёрӣҳои бедодаш
خدایا کج مکن مویی ز یاریهای بیدادش
Марои ин оҳи беҳудаи сети пеши он дили сангин
مرا این آه بیهوده ست پیش آن دل سنگین
Казин оташ ки ман дорам нагардад гарми пӯлодаш
کزین آتش که من دارم نگردد گرم پولادش
Рӯ , эй ашк ва равон кун пеши ёри лашкарии ҷӯӣ
رو، ای اشک و روان کن پیش یار لشکری جویی
Ки гирд олӯда хоҳад буд он сӯрӣу шамшодаш
که گرد آلوده خواهد بود آن سوری و شمشادش
Дилам мешуд ба назора ки бод афганд зулфаш ро
دلم می شد به نظاره که باد افگند زلفش را
Наёяд боз , вар хоҳад ки ҳам дар раҳ шаб афтодаш
نیاید باز، ور خواهد که هم در ره شب افتادش
Ҷафои рӯзгору ҷаври хубони хусрави мискин
جفای روزگار و جور خوبان خسرو مسکین
Шуд обистани зи ғам , эй кош ки модар наме зодаш
شد آبستن ز غم، ای کاش که مادر نمی زادش