Нигоро , суҳбат аз ағёри бугсал
نگارا، صحبت از اغیار بگسل
Гули хандони ман , аз хори бугсал
گل خندان من، از خار بگسل
Нахуст аз банди ҷон пайванд бигушоӣ
نخست از بند جان پیوند بگشای
Пас онгаҳ дӯстӣ аз ёри бугсал
پس آنگه دوستی از یار بگسل
Надонам то ки гуфт он бевафо ро
ندانم تا که گفت آن بی وفا را
Ки меҳр аз дӯстони як бори бугсал
که مهر از دوستان یک بار بگسل
Бизан мутриби зи раҳмати роҳи ушшоқ
بزن مطرب ز رحمت راه عشاق
Раги ҷону дили аФгори бугсал
رگ جان و دل افگار بگسل
Агар суда шавад зи абрешими чанг
اگر سوده شود ز ابریشم چنگ
Гилӣми суфиёнро тори бугсал
گلیم صوفیان را تار بگسل
Чаро минолӣ , эй булбул , чунин зор
چرا مینالی، ای بلبل، چنین زار
намегуфтам аз он гулзори бугсал
نمی گفتم از آن گلزار بگسل
Даруни бтхонаҳу беруни муноҷот
درون بتخانه و بیرون مناجات
Мусулмони шӯ , дило , зуннори бугсал
مسلمان شو، دلا، زنار بگسل
Каманди ишқро натавон гусастан
کمند عشق را نتوان گسستن
Бирав сари риштаи пиндори бугсал
برو سر رشته پندار بگسل
Наёбӣ дод хубон , хусрав , аз кас
نیابی داد خوبان، خسرو، از کس
Бизан дасту Аннани ёри бугсал
بزن دست و عنان یار بگسل