Мо тарки ризои дили худкоми гирифтем

ما ترک رضای دل خودکام گرفتیم

Дар зовияи нестии ороми гирифтем

در زاویه نیستی آرام گرفتیم

Бадномӣу оворагеи мо чу зи дил буд

بدنامی و آوارگی ما چو ز دل بود

Тарки дили овораи бадноми гирифтем

ترک دل آواره بدنام گرفتیم

Дили заҳмати худ баради зи моу з бало раст

دل زحمت خود برد ز ما و ز بلا رست

Озод нашуд мурғи казин доми гирифтем

آزاد نشد مرغ کزین دام گرفتیم

То сӯхтани ишқи з парвона бидидем

تا سوختن عشق ز پروانه بدیدیم

Савдои ҳамаи сӯхтагони хоми гирифтем

سودای همه سوختگان خام گرفتیم

Ғам хӯрдани пайдои баду хӯн хӯрдани пинҳон

غم خوردن پیدا بد و خون خوردن پنهان

Завқӣ ки зи хубони гули андоми гирифтем

ذوقی که ز خوبان گل‌اندام گرفتیم

Ҳаркас дар перӣ зад ва мо домани хумор

هرکس در پیری زد و ما دامن خمار

Зини ошиқии орияти ороми гирифтем

زین عاشقی عاریت آرام گرفتیم

эй аҳли саломат ки надории хабар аз мо

ای اهل سلامت که نداری خبر از ما

Рӯи сбҳаҳи турои бод ки мо ҷоми гирифтем

رو سبحه ترا باد که ما جام گرفتیم

Гуфтӣ кам ҷонӣ ва танӣ гирад дарин роҳ

گفتی کم جانی و تنی گیرد درین راه

Мо роҳи ту , эй шайх , ба нокоми гирифтем

ما راه تو، ای شیخ، به ناکام گرفتیم

Савдои ту бо коми дил аз ком бурун зад

سودای تو با کام دل از کام برون زد

Ҳарч аз ҳамаи хубони ҷаҳони коми гирифтем

هرچ از همه خوبان جهان کام گرفتیم

Моием дуъогӯӣу зи иқболи рақибат

ماییم دعاگوی و ز اقبال رقیبت

Каз вай қадре лиззати дашноми гирифтем

کز وی قدری لذت دشنام گرفتیم

намекун зи ҷафо ҳарчӣ туоне ва миндиш

می‌کن ز جفا هرچه توانی و میندیش

Кон дар ҳақи хусрави карами оми гирифтем

کان در حق خسرو کرم عام گرفتیم