Мо аз ҳавас рӯй батон бози нёиим

ما از هوس روی بتان باز نیاییم

Теғаст ҳади мо ба забони бози нёиим

تیغ است حد ما به زبان باز نیاییم

Гар тири занӣ ба ҷигар , эй ёри камони каш

گر تیر زنی به جگر، ای یار کمان کش

Тирем ки рафтаи зи камони бози нёиим

تیریم که رفته ز کمان باز نیاییم

Мардона ниҳодем чу по бар сари Кувайт

مردانه نهادیم چو پا بر سر کویت

Гар сар баравад , аз сари он бози нёиим

گر سر برود، از سر آن باز نیاییم

Боз омадан аз меҳр ҷавонон натавонем

باز آمدن از مهر جوانان نتوانیم

Лек азчўи туе чун битавон бози нёиим

لیک ازچو تویی چون بتوان باز نیاییم

Боз омадан аз ишқи тавон , монад агар дил

باز آمدن از عشق توان، ماند اگر دل

Лекини зи паии мондани ҷони бози нёиим

لیکن ز پی ماندن جان باز نیاییم

Ронадем чунон бе ту зъолми коҷлу умр

راندیم چنان بی تو زعالم کاجل و عمر

Гар ҳар ду бигиранд Аннан , бози нёиим

گر هر دو بگیرند عنان، باز نیاییم

Ёдаши диҳӣ , эй бод , зи мо гоҳе , агар мо

یادش دهی، ای باد، ز ما گاهی، اگر ما

Дар хизмати он сарви равони бози нёиим

در خدمت آن سرو روان باز نیاییم

Пайдои нафас имрӯз занад гарчи ки хусрав

پیدا نفس امروز زند گرچه که خسرو

Зинҳо чаҳ шавад ,гар ба ниҳони бози нёиим ?

زینها چه شود، گر به نهان باز نیاییم؟