Софии мада , эй дӯст ки мо дарди кшоним
صافی مده، ای دوست که ما درد کشانیم
Не ринд тамомем казин ринди вшоним
نی رند تمامیم کزین رند وشانیم
Ин косаи сари баҳр чаҳ дорем ба иззат ?
این کاسه سر بهر چه داریم به عزت؟
Гар дар сафи мастонаш сабуе нкшонем
گر در صف مستانش سبویی نکشانیم
Ҳар чанд ки дар кӣса надорем пашизӣ
هر چند که در کیسه نداریم پشیزی
Дар ҳиммати мо байни ту ки ҷамшеди вшоним
در همت ما بین تو که جمشید وشانیم
Кӯи соқии нўхиз ки болои ду дида
کو ساقی نوخیز که بالای دو دیده
Чандон ки ду абрӯ бинишонад бинишонем
چندان که دو ابرو بنشاند بنشانیم
Пеши ор май , эй соқии хўнриз ки пешат
پیش آر می، ای ساقی خونریز که پیشت
Аз лаб бихӯрему змжаҳ боз фишонем
از لب بخوریم و زمژه باز فشانیم
Гар зинда надорем шабии пеши ту ,гар зонк
گر زنده نداریم شبی پیش تو، گر زانک
Худро ба сари кӯии ту як шаби бкшоним
خود را به سر کوی تو یک شب بکشانیم
Хӯн хӯрданам , эй масти ҷавонӣ , чу ндонӣ
خون خوردنم، ای مست جوانی، چو ندانی
Доне чу турои шарбат хусрав бичашонем
دانی چو ترا شربت خسرو بچشانیم