Дил беишқро ман дил нагӯям

دل بی عشق را من دل نگویم

Тан бесӯзро ҷуз гул нагӯям

تن بی سوز را جز گل نگویم

Шикояти новарам аз ишқ бар ақл

شکایت ناورم از عشق بر عقل

Ҷафои шаҳна бо оқил нагӯям

جفای شحنه با عاقل نگویم

Ало , эй оби ҳайвон , пеши зулфат

الا، ای آب حیوان، پیش زلفت

Раҳи зулмотро мушкил нагӯям

ره ظلمات را مشکل نگویم

Бигирам зулфи ту фардо , валикин

بگیرم زلف تو فردا، ولیکن

Чаҳ зояд он шаби ҳомил , нагӯям

چه زاید آن شب حامل، نگویم

Ба иқтоъи ту дилро хос кардам

به اقطاع تو دل را خاص کردم

Ки ҷонро ҳам дар он дохил нагӯям

که جان را هم در آن داخل نگویم

зи ҷонат нек гӯям то тавонам

ز جانت نیک گویم تا توانم

Вагар бад гӯямат аз дил нагӯям

وگر بد گویمت از دل نگویم

Бисӯзам дар ғамат , венаи роз бо кас

بسوزم در غمت، وین راز با کس

Фироқам гар кунад бсмл , нагӯям

فراقم گر کند بسمل، نگویم

Ба хусрав гӯям ин ғами кӯ асир аст

به خسرو گویم این غم کو اسیر است

Вагар худ бинмши оқил , нагӯям

وگر خود بینمش عاقل، نگویم