Ҷузи сӯрати ту моҳи саморо чаҳ тавон гуфт

جز صورت تو ماه سما را چه توان گفت

Ҷузи турраи ту доми балоро чаҳ тавон гуфт

جز طره تو دام بلا را چه توان گفت

Он рӯй ки дода сети худояти сифати он

آن روی که داده ست خدایت صفت آن

Ҳам худ ту бигӯ , баҳри худоро , чаҳ тавон гуфт

هم خود تو بگو، بهر خدا را، چه توان گفت

Чун моҳи нав ангушт намойаст даҳонат

چون ماه نو انگشت نمایست دهانت

Он хотами ангушти наморо чаҳ тавон гуфт

آن خاتم انگشت نما را چه توان گفت

Шуд бастаи зулфин ту хӯн дар дили нофа

شد بسته زلفین تو خون در دل نافه

Дилбастагии машки хаторо чаҳ тавон гуфт

دلبستگی مشک خطا را چه توان گفت

Ҳар лаҳзаи сабо бар сари гули бурузад аз ноз

هر لحظه صبا بر سر گل بروزد از ناز

Аз карда ту боди саборо чаҳ тавон гуфт

از کرده تو باد صبا را چه توان گفت

Шаби ашку дами сард маро дид хаёлат

شب اشک و دم سرد مرا دید خیالت

Пас гуфт ки ин боди ҳаворо чаҳ тавон гуфт

پس گفت که این باد هوا را چه توان گفت

Гар чашми марои абри гуҳарбор тавон хонд

گر چشم مرا ابر گهربار توان خواند

Хоки кафи шамси аломроро чаҳ тавон гуфт

خاک کف شمس الامرا را چه توان گفت