Ҳоли худ боз бар ойин дигар май байнам
حال خود باز بر آیین دگر می بینم
Бози кори дили худ зеру зибр май байнам
باز کار دل خود زیر و زبر می بینم
Мабаред аз паии ман ранҷ ки ман рӯз ба рӯз
مبرید از پی من رنج که من روز به روز
Рӯзгори дили шӯридаи бтар май байнам
روزگار دل شوریده بتر می بینم
Он писар нозкнон меравад андари раҳи ман
آن پسر نازکنان می رود اندر ره من
Дилии афтода дар он роҳгзр май байнам
دلی افتاده در آن راهگذر می بینم
Ки тавонад ки маро боз раҳанд имрӯз ?
که تواند که مرا باز رهاند امروز؟
Кист он фитна ки дар пеши назар май байнам ?
کیست آن فتنه که در پیش نظر می بینم؟
Ҷон ба тобок бурун меравад ва ме ояд
جان به تاباک برون می رود و می آید
Халқ донанд ки ман оризтар май байнам
خلق دانند که من عارض تر می بینم
Ҳам ба иқболи ғамаши ҷон ба ғамаш хоҳам дод
هم به اقبال غمش جان به غمش خواهم داد
Роҳи як ханда аз он танги шукр май байнам
راه یک خنده از آن تنگ شکر می بینم
Ин ним ташнаи деринаи Фрўпўши он рӯй
این نیم تشنه دیرینه فروپوش آن روی
Шарбатам сайр бидиҳ , зонка хатар май байнам
شربتم سیر بده، زانکه خطر می بینم
Охири он пои ту ҷое ба замин ме ояд
آخر آن پای تو جایی به زمین می آید
Ман бар ин дӯш чаро миннати сар май байнам ?
من بر این دوش چرا منت سر می بینم؟
Пеши он зулфи парешон ту ояд рӯзӣ
پیش آن زلف پریشان تو آید روزی
Ончии ман зу ҳамаи шаб то ба саҳар май байнам
آنچه من زو همه شب تا به سحر می بینم
Бими хусрави зи фироқи ту ба расвоӣ буд
بیم خسرو ز فراق تو به رسوایی بود
Охроломр ҳамонаст чу дар май байнам
آخرالامر همانست چو در می بینم