эй иди дувуми омада рӯй чу нигорат

ای عید دوم آمده روی چو نگارت

Қурбон шуда зон ид чу ман бандаи ҳазорат

قربان شده زان عید چو من بنده هزارت

Маро чаҳ вилоят ки кашад лашкари анҷум

مه را چه ولایت که کشد لشکر انجم

Чун тофта шуд турраи хуршеди саворат

چون تافته شد طره خورشید سوارت

Он рӯзи з паргор бишуд доираи мо

آن روز ز پرگار بشد دایره ما

Комад ба дар аз пардаи хати доираи ворат

کامد به در از پرده خط دایره وارت

Омӯхта шуд мардумаки дида чу Тифлон

آموخته شد مردمک دیده چو طفلان

Бо хати хуш аз таҳтаи симини изорат

با خط خوش از تخته سیمین عذارت

Дар як дигар оварад ду абрӯии ту сарҳо

در یک دگر آورد دو ابروی تو سرها

Ҳушдори магар аз паии хӯнам шудаи ёрат

هشدار مگر از پی خونم شده یارت

Нақшии сети кажи онро ки ҳаме хоняш абрӯ

نقشی ست کژ آن را که همی خوانیش ابرو

Андари сари он наргиси пари масти хуморат

اندر سر آن نرگس پر مست خمارت

Даии хандаи занони сӯии чаман тўФ намӯдӣ

دی خنده زنان سوی چمن طوف نمودی

Пайғом гул оварад магари боди баҳорат

پیغام گل آورد مگر باد بهارت

Наргиси ҳамаи тан гул шуд ва дар чашм ту афтод

نرگس همه تن گل شد و در چشم تو افتاد

То равшанӣ дида биёбад зи ғуборат

تا روشنی دیده بیابد ز غبارت

Лекин чаҳ кунам рӯй ту дидани натавонад

لیکن چه کنم روی تو دیدن نتواند

Чашмӣ ки дарав , не басараст ва на бсорт

چشمی که درو، نی بصرست و نه بصارت

Хона макун , эй дӯст , дарин ҷои гуҳи пари нам

خانه مکن، ای دوست، درین جا گه پر نم

Кас бар гузар сайл накарда сети иморат

کس بر گذر سیل نکرده ست عمارت

Бо онкӣ ба умрӣ бичишад хусрави бедил

با آنکه به عمری بچشد خسرو بیدل

Ёрб ки чаҳ ширинаст лаби нӯшу канорат

یارب که چه شیرینست لب نوش و کنارت