Ошиқ шудам , бо ёри бадаҳд вғо кардам
عاشق شدم، با یار بدعهد وغا کردم
Зон шӯх ҷафо дидам , ҳар чанд вафо кардам
زان شوخ جفا دیدم، هر چند وفا کردم
Ёрб , чаҳ шуд он пари фан , дилро ки ситад аз ман
یارب، چه شد آن پر فن، دل را که ستد از من
Ман ҳуш киро додам , ман сабр куҷо кардам ?
من هوش که را دادم، من صبر کجا کردم؟
Мутриби ғазалӣ тар зад , дарди куҳанам нав шуд
مطرب غزلی تر زد، درد کهنم نو شد
Маъзӯр бидам , ҷоно ,гар ҷома қабо кардам
معذور بدم، جانا، گر جامه قبا کردم
Як чанд з ҳар савдои бози омада буд ин дил
یک چند ز هر سودا باز آمده بود این دل
Ногоҳ туро дидам , бар хеш бало кардам
ناگاه ترا دیدم، بر خویش بلا کردم
Дай рӯй наКувайтро андак туркӣ дидам
دی روی نکویت را اندک ترکی دیدم
Лек аз паии чашми бад бисёр дуо кардам
لیک از پی چشم بد بسیار دعا کردم
Гуфтам ки « магар чанде эмин зем аз ғамҳо »
گفتم که «مگر چندی ایمن زیم از غمها»
Дил давр нашуд аз ту , ҳар чанд ҷудо кардам
دل دور نشد از تو، هر چند جدا کردم
Бар ҳар санамӣ рафтам , дар ҳар писарӣ дидам
بر هر صنمی رفتم، در هر پسری دیدم
Нанишаст касе дар дил чандонаш ки ҷо кардам
ننشست کسی در دل چندانش که جا کردم
То бор дигар хусрави дил бар писарон наниҳад
تا بار دگر خسرو دل بر پسران ننهد
Дар кашмакаши ишқати некӯаш сазо кардам
در کشمکش عشقت نیکوش سزا کردم