Ҷонам аз ором рафт , ороми ҷони ман куҷо

جانم از آرام رفت، آرام جان من کجا

Ҳиҷрами нишон фитна шуд , фитнаи нишони ман куҷо

هجرم نشان فتنه شد، فتنه نشان من کجا

Омад баҳори машки дам , сунбул дамиду лолаи ҳам

آمد بهار مشک دم، سنبل دمید و لاله هم

Сабза ба саҳро зад қадам , сарви равони ман куҷо

سبزه به صحرا زد قدم، سرو روان من کجا

Аз гиря мондам по ба гули вази дӯстони гаштами хаҷал

از گریه ماندم پا به گل وز دوستان گشتم خجل

Ҷон аз ҷаҳони бигусасту дил , ҷону ҷаҳони ман куҷо

جان از جهان بگسست و دل، جان و جهان من کجا

Дар кор ғам шуд мӯрем , бепарда шуд мастурем

در کار غم شد موریم، بی پرده شد مستوریم

Талхаст айш аз даврем , шкрФшони ман куҷо

تلخ است عیش از دوریم، شکرفشان من کجا

Шахсами заъифу дидатар , зон ресмону зини гуҳар

شخصم ضعیف و دیده تر، زان ریسمان و زین گهر

Инак муҳайё шуд камар , лоғари миёни ман куҷо

اینک مهیا شد کمر، لاغر میان من کجا

Ҳар дами ҷигар , дар сӯзу тоб , аз дидаи резами хӯни ноб

هر دم جگر، در سوز و تاب، از دیده ریزم خون ناب

Инак май ва инак кабоб , он миҳмони ман куҷо

اینک می و اینک کباب، آن میهمان من کجا

Дил рафт дар меҳмон ӯ гуфт он ӯем он ӯ

دل رفت در مهمان او گفت آن اویم آن او

Гар ҳаст ин дил зон ӯ , охир аз он ман куҷо

گر هست این دل زان او، آخر از آن من کجا

Ман ҷаври он номеҳрбон дорам зи хомӯшии ниҳон

من جور آن نامهربان دارم ز خاموشی نهان

ӯем наёрад бар забони кон бе забони ман куҷо

اویم نیارد بر زبان کان بی زبان من کجا

Ҷонаст он ёри накӯ , рафтаи дили хусрав дар ӯ

جان است آن یار نکو، رفته دل خسرو در او

Гар дил нарафтааст ин бигӯ , ин гӯ ки ҷони ман куҷо

گر دل نرفته است این بگو، این گو که جان من کجا

Хониш
шморҳ 15 — фотмҳ зндӣ