Як дами фаромӯшам нае ,гар чаҳ наёрӣ ёди ман
یک دم فراموشم نه ای، گر چه نیاری یاد من
Инсофи ҳасанат май даҳум бо онкӣ надиҳӣ дод ман
انصاف حسنت می دهم با آنکه ندهی داد من
Гуфтам ки назд ман нишин , магузор зорами ин чунин
گفتم که نزد من نشین، مگذار زارم این چنین
Ту нозукӣу нозанин , танги ое аз фарёди ман
تو نازکی و نازنین، تنگ آیی از فریاد من
Ҳар соъат аз мижгони худ хӯни дилами пеши аўФтд
هر ساعت از مژگان خود خون دلم پیش اوفتد
Зин зор монад бахти бад , инаст пеш афтод ман
زین زار ماند بخت بد، این است پیش افتاد من
Шаби мӯнисами парвин буд , рӯзами зи хӯни болин буд
شب مونسم پروین بود، روزم ز خون بالین بود
Пайвастагар ғами ин буд , мискини дили ношоди ман
پیوسته گر غم این بود، مسکین دل ناشاد من
Ман менагуфтам кони ҷавони як рӯз хоҳад баради ҷон ?
من می نگفتم کان جوان یک روز خواهد برد جان؟
Дидӣ чаҳ чап зад ногаҳони ин сабр бе бунёди ман !
دیدی چه چپ زد ناگهان این صبر بی بنیاد من!
Ҷон мешавад аз тани ҷудо , ҳеҷ ар гузар уфтад туро
جان می شود از تن جدا، هیچ ار گذر افتد ترا
Бӯе биорӣ , эй сабо , зон сӯсани озоди ман
بویی بیاری، ای صبا، زان سوسن آزاد من
эй дил , дар он зулфи ду то мебош таслими бало
ای دل، در آن زلف دو تا می باش تسلیم بلا
Косон нахоҳад шуд раҳо аз доми ин сайёди ман
کآسان نخواهد شد رها از دام این صیاد من
Фарёди хусрави ҳеҷ гуҳи андар дилаш нагирифт раҳ
فریاد خسرو هیچ گه اندر دلش نگرفت ره
Гар чаҳ кунад дар санги раҳи ин нолау фарёди ман
گر چه کند در سنگ ره این ناله و فریاد من