Ба ҳар байтӣ ки васфи он рхонст

به هر بیتی که وصف آن رخانست

Чу некӯи бенгарӣ шаҳ байт онаст

چو نیکو بنگری شه بیت آنست

Камар ки баста ӯ ҳаст ҷонам

کمر که بسته او هست جانم

Марои ҷонии сети он ҳам дар миёнаст

مرا جانی ست آن هم در میانست

Надорам дар миёни ту сухани ҳеҷ

ندارم در میان تو سخن هیچ

Вале ҷонро сухан дар он даҳонаст

ولی جان را سخن در آن دهانست

Ба мо гар мекунад чашми ту шухӣ

به ما گر می کند چشم تو شوخی

Ки шухии шеваҳои срхўшонст

که شوخی شیوه های سرخوشانست

Ба ҳар мӯи зулф ту дорад ду сад дил

به هر مو زلف تو دارد دو صد دل

Чаҳ дуздии пари дилии номҳрбонст

چه دزدی پر دلی نامهربانست

Диламро бараду ҷонро кишти чашмат

دلم را برد و جان را کشت چشمت

Ҷаҳонгираст ва ҳам соҳиб қиронаст

جهانگیرست و هم صاحب قرانست