эй бод , буии ёри бад-ӣни мубталои расон

ای باد، بوی یار بدین مبتلا رسان

Дар чашми ман зи хок дараш тўтёи расон

در چشم من ز خاک درش توتیا رسان

Гар ҳеҷ аз он тараф гузарӣ уфтадат зи ман

گر هیچ از آن طرف گذری افتدت ز من

Хизмат бар ва салом бигӯӣу дуои расон

خدمت بر و سلام بگوی و دعا رسان

Як тори баҳри пурсиши ман зон қабо бикаш

یک تار بهر پرسش من زان قبا بکش

Ташрифи подшоҳ ба пушти гадои расон

تشریف پادشاه به پشت گدا رسان

Он дил ки бардае зи ман ар нестат қабул

آن دل که برده ای ز من ار نیستت قبول

Бозор ва ҳам ба синаи ин мубталои расон

بازآر و هم به سینه این مبتلا رسان

Ҷонӣ хароб дорам ва вирдаст ном ӯ

جانی خراب دارم و وردست نام او

Ин дардро гирифта ба назд давои расон

این درد را گرفته به نزد دوا رسان

Гуфтӣ ки нолаи ту ба ёр ту ме расад

گفتی که ناله تو به یار تو می رسد

Онҷо ки нола мерасад , онҷои марои расон

آنجا که ناله می رسد، آنجا مرا رسان

Аз дидаи ғарқ об шудам , мардумӣ бикун

از دیده غرق آب شدم، مردمی بکن

Ин обро наҳуфта бидон ошнои расон

این آب را نهفته بدان آشنا رسان

Мо чун намерасем бидон орзӯии дил

ما چون نمی رسیم بدان آرزوی دل

Ёрб , ту орзӯии дили мо ба мо расон

یارب، تو آرزوی دل ما به ما رسان

Хусрав ки аз фироқ хаёлӣ шуд , эй сабо

خسرو که از فراق خیالی شد، ای صبا

Аз ҷоаш дар рибо ва бидон дилрабои расон

از جاش در ربا و بدان دلربا رسان