Дар раҳи ишқ аз бало озод натавон зистан

در ره عشق از بلا آزاد نتوان زیستن

То ғамаш дар сина бошад , шод натавон зистан

تا غمش در سینه باشد، شاد نتوان زیستن

Душманӣ чун ишқ дар бунёди дили афшурдаи пой

دشمنی چون عشق در بنیاد دل افشرده پای

Бар умеди сабр бебунёд натавон зистан

بر امید صبر بی بنیاد نتوان زیستن

Қӯти ҷони ман туе , чанд аз сабои бӯеу бас

قوت جان من تویی، چند از صبا بویی و بس

Охири ин кас мурданаст , аз бод натавон зистан

آخر این کس مردن است، از باد نتوان زیستن

Дили марои шоҳиди парасту нози он бдхўи бало

دل مرا شاهد پرست و ناز آن بدخو بلا

Бо чунин дил аз бало озод натавон зистан

با چنین دل از بلا آزاد نتوان زیستن

Ман ба ҷони мурғи асир ва халқ гуяд сабр кун

من به جان مرغ اسیر و خلق گوید صبر کن

Эмини андари ришта сайёд натавон зистан

ایمن اندر رشته صیاد نتوان زیستن

Ҳар куҷои гуфтори ширини рахна дар ҷон афганд

هر کجا گفتار شیرین رخنه در جان افگند

Ҳозири мурдан кам аз Фарҳод натавон зистан

حاضر مردن کم از فرهاد نتوان زیستن

Гар чаҳ ман сахтии кашам , охири ҷафоро ҳам ҳад аст

گر چه من سختی کشم، آخر جفا را هم حد است

Ҳам ту донеи кандарин бедод натавон зистан

هم تو دانی کاندرین بیداد نتوان زیستن

Рӯзгори ман парешон шуд зи ёди зулфи ту

روزگار من پریشان شد ز یاد زلف تو

Дар чунин вайрона обод натавон зистан

در چنین ویرانه آباد نتوان زیستن

Ҷаври каш , хусрав , мазан дам аз ҷафои дӯстон

جور کش، خسرو، مزن دم از جفای دوستان

Рӯзу шаб бо нола ва фарёд натавон зистан

روز و شب با ناله و فریاد نتوان زیستن