Кас чун ҷаҳди зи гесуӣ ҳамчун каманди ту
کس چون جهد ز گیسوی همچون کمند تو
Ҷое ки он каманд шавад пои банди ту
جایی که آن کمند شود پای بند تو
Омухти чашмҳои марои гиряҳои талх
آموخت چشمهای مرا گریه های تلخ
Дар дидаи хандаҳои лаби нӯшханди ту
در دیده خنده های لب نوشخند تو
Шавем зи гиря рӯй заминро ки ҳаст ҳайф
شویم ز گریه روی زمین را که هست حیف
Кофтад ба хоки сояи сарви баланди ту
کافتد به خاک سایه سرو بلند تو
эй пндгў ки гӯйем аз ишқ ӯ бхиз
ای پندگو که گوییم از عشق او بخیز
Чун дил ба ҷой нест , чаҳ хезади зи панди ту
چون دل به جای نیست، چه خیزد ز پند تو
То кӣ ҳануз дар дилат аз хастаи ғубор
تا کی هنوز در دلت از خسته غبار
Каз хӯни дили нишонди ғубори саманди ту
کز خون دل نشاند غبار سمند تو
Дил тангем бикушт , мФрмои айб агар
دل تنگیم بکشت، مفرمای عیب اگر
Тангаст ин қабо ба тани арҷманди ту
تنگ است این قبا به تن ارجمند تو
Длҳости охири ин , на сапанд , инчунин мсўз
دلهاست آخر این، نه سپند، اینچنین مسوز
Як панди ман ба гӯш кун , эй ман сапанди ту
یک پند من به گوش کن، ای من سپند تو
Гӯ то ба рӯҳ ман кунад аз баъди мурданам
گو تا به روح من کند از بعد مردنم
Кашгар буд насибаи зи ҳалвои қанди ту
کش گر بود نصیبه ز حلوای قند تو
Гирди ори зулфро ки зи олам бурун гурехт
گرد آر زلف را که ز عالم برون گریخت
Хусрав ҳануз менаҷаҳд аз каманди ту
خسرو هنوز می نجهد از کمند تو