Дилу ҷони марои зондозаҳ ва бигузашт орзӯии ту
دل و جان مرا زاندازه و بگذشت آرزوی تو
Бибояд хӯни ман то ҷон кунам қурбони хуии ту
بباید خون من تا جان کنم قربان خوی تو
Дилами бастӣ чу дар зулфи дарозаши он қадари ришта
دلم بستی چو در زلف درازش آن قدر رشته
Ки гардад ҳар замони гирди сар ҳар тори мӯии ту
که گردد هر زمان گرد سر هر تار موی تو
Ту худ ҳам зини дили пари хӯни бурун бар ҳоли дил , ҷоно
تو خود هم زین دل پر خون برون بر حال دل، جانا
Ки ман гуфтан наме орм бар он хуй накӯй ту
که من گفتن نمی آرم بر آن خوی نکوی تو
Намозатро ба хӯн будӣ вузӯии мардуми дида
نمازت را به خون بودی وضوی مردم دیده
Чу хӯн кам шуд таяммум мекунад аз хоки кӯии ту
چو خون کم شد تیمم می کند از خاک کوی تو
Ту хуши хуш май рӯй чун гул ба пешати бодпои хандон
تو خوش خوش می روی چون گل به پیشت بادپا خندان
Ҳазорон ҷони саргаштаи давони дунболи буии ту
هزاران جان سرگشته دوان دنبال بوی تو
Ба роҳат хок гашта ошиқонаст ва ту дар ҷавлон
به راهت خاک گشته عاشقانست و تو در جولان
Мабодои кони чунин гардӣ нишнид гирд рӯй ту
مبادا کان چنین گردی نشنید گرد روی تو
намеёбад хабари халқ аз дил гум гашта ҷузи он дам
نمی یابد خبر خلق از دل گم گشته جز آن دم
Ки буии хӯни дилҳо бод май оради зи сӯии ту
که بوی خون دلها باد می آرد ز سوی تو
На бар ту балки ҳам бар дидаи худ май нуҳуми миннат
نه بر تو بلکه هم بر دیده خود می نهم منت
Агар дуздидаи пои гирдами зи баҳри ҷусту ҷӯии ту
اگر دزدیده پا گردم ز بهر جست و جوی تو
Ман ва шабҳоу бедорӣу ҳайронӣу хомӯшӣ
من و شبها و بیداری و حیرانی و خاموشی
Ки муҳаррам нест хусравро забон дар гуфту гӯии ту
که محرم نیست خسرو را زبان در گفت و گوی تو