Зулфи сияҳи ту машк чин аст
زلف سیه تو مشک چین است
Болои ту сарв ростин аст
بالای تو سرو راستین است
Лаъли ту нигини хотами ҳасан
لعل تو نگین خاتم حسن
Ваон хати ту нақши он нигин аст
وان خط تو نقش آن نگین است
Гар мум буд миёни хотам
گر موم بود میان خاتم
Дар хотами лаъл ангабин аст
در خاتم لعل انگبین است
Моҳаст рахт дар он сухан нест
ماهست رخت در آن سخن نیست
Қандӣаст лабати сухан дар ин аст
قندی است لبت سخن در این است
Ҳар лаҳза кашад бкштнми теғ
هر لحظه کشد بکشتنم تیغ
Чашми ту ки шӯх ва нозанин аст
چشم تو که شوخ و نازنین است
Гуфтам ки турои камӣни ғуломам
گفتم که ترا کمین غلامم
Гар ҳаст гуноҳи ман ҳамин аст
گر هست گناه من همین است
Моро зи лаб ту нест қисмӣ
ما را ز لب تو نیست قسمی
Тадбир чаҳ суд , қисмат ин аст
تدبیر چه سود، قسمت این است
Ту ғамза чаҳ май занӣ ба хусрав
تو غمزه چه می زنی به خسرو
Кини тири сипеҳр дар камӣн аст
کین تیر سپهر در کمین است