эй ба ҳар мӯӣ шудаи бастаи зулфи дили ман

ای به هر موی شده بسته زلف دل من

Вай ба ҳар кӯй шуда дар талабати манзили ман

وی به هر کوی شده در طلبت منزل من

Ин чунин дар ҳаму печони з чаҳ гашта сети дилам

این چنین در هم و پیچان ز چه گشته ست دلم

Сояи зулф ту афтод магар дар дили ман

سایه زلف تو افتاد مگر در دل من

Корам аз шакли сари зулфи ту мушкил шуда аст

کارم از شکل سر زلف تو مشکل شده است

Мушкили имрӯз ки бигушоед азуи мушкили ман

مشکل امروز که بگشاید ازو مشکل من

Лаби ту оби ҳаёти сету хатати зулмати шаб

لب تو آب حیات ست و خطت ظلمت شب

Ҷузи ҳамаи танагӣу торикии азуи ҳосили ман

جز همه تنگی و تاریکی ازو حاصل من

Хусрав бехабарам то ба ғамати афтодам

خسرو بی خبرم تا به غمت افتادم

Хабарат ҳаст азин воқеаи мушкили ман

خبرت هست ازین واقعه مشکل من