То хаёли нуқтаи холати саводи чашми мост

تا خیال نقطه خالت سواد چشم ماست

Хоки пояти мардуми чашми маро чун ту тўтёст

خاک پایت مردم چشم مرا چون تو توتیاست

Ҳоҷати кӯҳл алҷўоҳр нест онкасро ки нест

حاجت کحل الجواهر نیست آنکس را که نیست

Серума аз гирди раҳи тавсан ки нури чашми мост

سرمه از گرد ره توسن که نور چشم ماست

То гули рухсори ту бушковат дар боғи вуҷӯд

تا گل رخسار تو بشکفت در باغ وجود

Ъшқбозонро чу булбули кор бо барг ва навост

عشقبازان را چو بلبل کار با برگ و نواست

То ба тоқ абрӯят овардаам рӯй ниёз

تا به طاق ابرویت آورده ام روی نیاز

Май нпндозми намозами андари ин қибла рӯ аст

می نپندازم نمازم اندر این قبله رو است

Нофаи оҳӯии чинии кӯ ба зулфат дам занад

نافه آهوی چینی کو به زلفت دم زند

Нест оҳӯеи мар ӯро , зонка дар аслаш хатост

نیست آهویی مر او را، زانکه در اصلش خطاست

Ҷаъди мрғўлт ки дар ҳар банд ӯ сад ҳалқа аст

جعد مرغولت که در هر بند او صد حلقه است

Доми дилҳои асирон гирифтор балост

دام دلهای اسیران گرفتار بلاست

Ҳар ки дар кӯии ту бӯеи барад , аз олами гузашт

هر که در کوی تو بویی برد، از عالم گذشت

Ҳар ки аз дардат насибӣ ёфт , фориғ аз давост

هر که از دردت نصیبی یافت، فارغ از دواست

Ҷом май аз дасти ҳушёрони маҷлиси тираи гашт

جام می از دست هشیاران مجلس تیره گشت

Муфрадӣ аз худ гузаштаи дардӣ ошомӣ куҷост ?

مفردی از خود گذشته دردی آشامی کجاست؟

Беруху зулфи сиёҳаш аз ҳаводории хеш

بی رخ و زلف سیاهش از هواداری خویش

Хусрави длхстаҳро ҳамдам ба рӯз ва шаб сабост

خسرو دلخسته را همدم به روز و شب صباست