Беруни мёи зи парда ки моро шикеб нест

بیرون میا ز پرده که ما را شکیب نیست

Инак баланд гуфтамат , аз кас ҳҷиб нест

اینک بلند گفتمت، از کس حجیب نیست

То пой дар рикоби латофати ниҳода Эй

تا پای در رکاب لطافت نهاده ای

Ашками кадоми рӯз ки по дар ркиб нест

اشکم کدام روز که پا در رکیب نیست

Пеши рахт ки бар варақи лола хат кашид

پیش رخت که بر ورق لاله خط کشید

Гар дафтар гуласт ки ҳам дар ҳсиб нест

گر دفتر گل است که هم در حسیب نیست

Дил бо рахт чигуна нагардад фирефта ?

دل با رخت چگونه نگردد فریفته؟

Аз сӯрат ту чист ки он длФриб нест ?

از صورت تو چیست که آن دلفریب نیست؟

Чун дили з даст рафт ки роҳи умед буд

چون دل ز دست رفت که راه امید بود

Бар чашми тести дигар ва бар кас ътиб нест

بر چشم تست دیگر و بر کس عتیب نیست

Майлӣ намекунад сӯии хусрав чу оби Хизр

میلی نمی کند سوی خسرو چو آب خضر

Бо онкии майли оби ҷузи андар нишеб нест

با آنکه میل آب جز اندر نشیب نیست