Чашмат ба ишваи ҷони ду сад нотавон гирифт

چشمت به عشوه جان دو صد ناتوان گرفت

Гар ишва инаст ҷону ҷаҳон метавон гирифт

گر عشوه اینست جان و جهان می توان گرفت

Рӯят ба зулф , баси дил ва ҷонҳо ки сайд кард

رویت به زلف، بس دل و جانها که صید کرد

Ин гул ба доми хеш чаҳ хуш булбулон гирифт

این گل به دام خویش چه خوش بلبلان گرفت

Ҳар тири ғамзае ки биндохт бар дилам

هر تیر غمزه ای که بینداخت بر دلم

Дил чун алифи миёнаи ҷонаш равон гирифт

دل چون الف میانه جانش روان گرفت

Дар гиряи номи зулф ту бигузашт бар забон

در گریه نام زلف تو بگذشت بر زبان

Гиря гиреҳ бибасту зи ҳайрат забон гирифт

گریه گره ببست و ز حیرت زبان گرفت

Ҷонами забони тест дарав ҳаст ҳам сухан

جانم زبان تست درو هست هم سخن

Гуфтӣ наме тавон ки набошад , ба ҷон гирифт

گفتی نمی توان که نباشد، به جان گرفت

Халқи рақиб баста шуд аз рағбати танам

خلق رقیب بسته شد از رغبت تنم

эй вой бар сегӣ ки ба ҳалқ устихон гирифт

ای وای بر سگی که به حلق استخوان گرفت

Султони малики ишқи ту хусрав ба ҳукм шуд

سلطان ملک عشق تو خسرو به حکم شد

То сӯй бе нишонеи рӯят нишон гирифт

تا سوی بی نشانی رویت نشان گرفت