Аз ишқ агар дилат чу кабобӣ ба тобаи ист

از عشق اگر دلت چو کبابی به تابه ایست

Дил бошад ар зи нархи кабобати кабобаи ист

دل باشد ار ز نرخ کبابت کبابه ایست

Ҳар дил ки дар танӣ ба ҳавоӣ муқайяд аст

هر دل که در تنی به هوایی مقید است

Дил нест он ки шоҳидии андари ниқобаи ист

دل نیست آن که شاهدی اندر نقابه ایست

Нохуш тараст буии ту ҳар чанд каз ғурур

ناخوش تر است بوی تو هر چند کز غرور

Бар гулханати зи машку зи анбари гулобаи ист

بر گلخنت ز مشک و ز عنبر گلابه ایست

эй онкии оби хуши хурӣ аз тишнагии фисқ

ای آنکه آب خوش خوری از تشنگی فسق

Боқии зи обхўрди ту бонги шаробаи ист

باقی ز آبخورد تو بانگ شرابه ایست

Ваа ваа ки то баланд кунӣ зи атласи фалак

وه وه که تا بلند کنی ز اطلس فلک

Дар пои он баланди қадами пои тобаи ист

در پای آن بلند قدم پای تابه ایست

Раҳбари зи шавқи гир ки ҷое рисӣ , аз онк

رهبر ز شوق گیر که جایی رسی، از آنک

Дунёсти ғӯли раҳзану олами харобаи ист

دنیاست غول رهزن و عالم خرابه ایست

Дар зиндаи айби зинда дилон нест худ ба нақс

در زنده عیب زنده دلان نیست خود به نقص

Дар оби Хизр , агар чаҳ гулаши офтобаи ист

در آب خضر، اگر چه گلش آفتابه ایست

Аз шишаи сипеҳри талаб май ки дар сифат

از شیشه سپهر طلب می که در صفت

Бар ваии фириштаи ҳам чу магас бар қробаҳи ист

بر وی فرشته هم چو مگس بر قرابه ایست

Хусрави каҷоти сӯрат маънӣ диҳад ҷамол

خسرو کجات صورت معنی دهد جمال

зи ойӣнаи дилӣ ки сияҳи ҳамчуи тобаи ист

ز آیینه دلی که سیه همچو تابه ایست