Куҷост дил ки ғаматро ниҳон тавонад дошт
کجاست دل که غمت را نهان تواند داشت
Ба сабр кӯшад ва худро бар он тавонад дошт
به صبر کوشد و خود را بر آن تواند داشت
Ба коми душманам аз ҳиҷру дӯстӣ на ки ӯ
به کام دشمنم از هجر و دوستی نه که او
Дилӣ ба сӯии ман нотавон тавонад дошт
دلی به سوی من ناتوان تواند داشت
Кашид хасми ту теғу марои шафиъӣ на
کشید خصم تو تیغ و مرا شفیعی نه
Ки дасти маслиҳатӣ дар миён тавонад дошт
که دست مصلحتی در میان تواند داشت
Бабради дузди ғами дил ки ёр хоб олуд
ببرد دزد غم دل که یار خواب آلود
Чигуна поси дил дӯстон тавонад дошт
چگونه پاس دل دوستان تواند داشت
Хароби чашми худами вена на он майаст ки чашм
خراب چشم خودم وین نه آن می است که چشم
Шароби хори маро миҳмон тавонад дошт
شراب خوار مرا میهمان تواند داشت
Бисӯзам ва назанам дам ки нест ҳамдардӣ
بسوزم و نزنم دم که نیست همدردی
Ки рози сӯхтаеро ниҳон тавонад дошт
که راز سوخته ای را نهان تواند داشت
Ҳамеи кашанд ки номаш мабар , чу дар дилам ӯст
همی کشند که نامش مبر، چو در دلم اوست
Зиён чигуна забон дар даҳон тавонад дошт
زیان چگونه زبان در دهان تواند داشت
Намонад аз мау хуршеди нозанини маро
نماند از مه و خورشید نازنین مرا
Ҳаёти бод ки ӯ ҷоишон тавонад дошт
حیات باد که او جایشان تواند داشت
Матоъи умр ки бар бод меравад аз даст
متاع عمر که بر باد می رود از دست
Магар ки лашкари ратл гарон тавонад дошт
مگر که لشکر رطل گران تواند داشت
Аноятӣ бикун , эй дӯст , бандаи хусрав ро
عنایتی بکن، ای دوست، بنده خسرو را
Сари ниёз бар он остон тавонад дошт
سر نیاز بر آن آستان تواند داشت