Ҳар ки дар пеши чашми равшани мост

هر که در پیش چشم روشن ماست

Гўиёи офати дилу тани мост

گوییا آفت دل و تن ماست

Чашми мо гар намешавад , монок

چشم ما گر نمی شود، ماناک

Он ҳамон офтоби равшани мост

آن همان آفتاب روشن ماست

Лолаҳо май дамади зи хӯни ду чашм

لاله ها می دمد ز خون دو چشم

Гирди ман он баҳору гулшани мост

گرد من آن بهار و گلشن ماست

Ғамзаи зани ҷони ман ва гар меРом

غمزه زن جان من و گر میرم

Ғам махӯр хӯни мо ба гардани мост

غم مخور خون ما به گردن ماست

Мо чу ҳиндӯии сўмнот ба ишқ

ما چو هندوی سومنات به عشق

Бут парастему дили брҳмни мост

بت پرستیم و دل برهمن ماست

Гуфтам аз меҳри сӯхти хусрав , гуфт

گفتم از مهر سوخت خسرو، گفت

Чанд азин зарраҳо ба равзани мост

چند ازین ذره ها به روزن ماست