Гуҳ аз металх мекун он ду лаъли шкроФшон ро

گه از می تلخ می‌کن آن دو لعل شکرافشان را

Ки то ҳар кас ба густохӣ набинад он гулистон ро

که تا هر کس به گستاخی نبیند آن گلستان را

Кунам даъвии ишқи ёр ва онгаҳ зу вафо ҷӯям

کنم دعوی عشق یار و آنگه زو وفا جویم

Зиҳии ишқ ар ба ришват дӯст хоҳам доштани он ро

زهی عشق ار به رشوت! دوست خواهم داشتن آن را

Барон то зӯдтар зон шуъла хокистар шавад ҷонам

بران تا زودتر زان شعله خاکستر شود جانم

Нафас бигушоему дам май даҳуми сўзоки пинҳон ро

نفس بگشایم و دم می‌دهم سوزاک پنهان را

Буридам зулф ӯро сар ки ҳангоми парешоне

بریدم زلف او را سر، که هنگام پریشانی

Шаҳодат гуяд он зоҳид чу дид он коФрстон ро

شهادت گوید آن زاهد چو دید آن کافرستان را

Ниҳон бо хеш мегӯям ки ҳаст он шӯхи зони ман

نهان با خویش می‌گویم که هست آن شوخ زآن من

Магари рӯзии ду се монад , забонӣ май даҳуми ҷон ро

مگر روزی دو سه ماند، زبانی می‌دهم جان را

Аз ӯ ёрб напурсӣу марои сӯзӣ ба ҷой ӯ

از او یارب نپرسی و مرا سوزی به جای او

Чу сирӣ нест аз озори халқи он нопушаймон ро

چو سیری نیست از آزار خلق آن ناپشیمان را

Биор он номаи маҷнӯн ки гирад сабақи расвоӣ

بیار آن نامهٔ مجنون که گیرد سبق رسوایی

Ба хӯни дил чу хусрави шасти лавҳи сабру сомон ро

به خون دل چو خسرو شست لوح صبر و سامان را