Марои боз аз тариқи соқии худ ёд ме ояд

مرا باز از طریق ساقی خود یاد می‌آید

Ғами деринаи бозам дар дил ношод ме ояд

غم دیرینه بازم در دل ناشاد می‌آید

Аз ин сӯ мерасад ҳиҷраш кашида теғ дар куштан

از این سو می‌رسد هجرش کشیده تیغ در کشتن

Вази он сӯи бахтам аз баҳр мборкбод ме ояд

وز آن سو بختم از بهر مبارکباد می‌آید

Бисӯз , эй ошиқи хаста ки он бемеҳр ме ояд

بسوز، ای عاشق خسته که آن بی‌مهر می‌آید

Бинол , эй булбули мискин ки он сайёд ме ояд

بنال، ای بلبل مسکین که آن صیاد می‌آید

Фурӯ хӯрдан наме орми фиғони зори худ пешаш

فرو خوردن نمی‌آرم فغان زار خود پیشش

Ки саг чун дуздро дарёфт дар фарёд ме ояд

که سگ چون دزد را دریافت در فریاد می‌آید

Бирав , эй хоб , ёри ман нае , зеро ки ман имшаб

برو، ای خواب، یار من نه‌ای، زیرا که من امشب

Сари зулфи парешон касеам ёд ме ояд

سر زلف پریشان کسی‌ام یاد می‌آید

з беш мекашад бодам , равоқам бош гӯ , борӣ

ز بیش می‌کشد بادم، رواقم باش گو، باری

Ман ин равзан намехоҳам ки ин сӯ бод ме ояд

من این روزن نمی‌خواهم که این سو باد می‌آید

Фаромӯшам намегардад сари зулф чу шамшодаш

فراموشم نمی‌گردد سر زلف چو شمشادش

Ки буии ғоиби хешам аз он шамшод ме ояд

که بوی غایب خویشم از آن شمشاد می‌آید

Харобам карда буду рафта буд ӯ , эй мусулмонон

خرابم کرده بود و رفته بود او، ای مسلمانان

Ки бози он ёри бдхўим бар он бунёд ме ояд

که باز آن یار بدخویم بر آن بنیاد می‌آید

Чунонат дӯст медорам ки ғайрат май баради ҷонам

چنانت دوست می‌دارم که غیرت می‌برد جانم

зи ту бар дайгаригар худ ҳама бедод ме ояд

ز تو بر دیگری گر خود همه بیداد می‌آید

Ҷигарсӯз аст машну , ҷони ман , афсонаи хусрав

جگرسوز است مشنو، جان من، افسانه خسرو

Каз ӯ буии дили шӯрида Фарҳод ме ояд

کز او بوی دل شوریده فرهاد می‌آید