Чаҳ шуд кони сарви сими андоми сӯй ман наме ояд
چه شد کان سرو سیماندام سوی من نمیآید
Дилам пажмурда шуд бӯе аз он гулшан наме ояд
دلم پژمرده شد بویی از آن گلشن نمیآید
Кадомин каси раҳ ман зад ки дар раҳ шуд Аннани гираш
کدامین کس ره من زد که در ره شد عنانگیرش
Ки он сармасти ҷъдондоз мрдоФгн наме ояд
که آن سرمست جعدانداز مردافگن نمیآید
Замонӣ нест ҷони ман гиребони гири ҳиҷронаш
زمانی نیست جان من گریبانگیر هجرانش
Ки ҷони ошиқон аз ҷайб то доман наме ояд
که جان عاشقان از جیب تا دامن نمیآید
Хаёлаш бедареғам мекашад гуё наме донад
خیالش بیدریغم میکشد گویا نمیداند
Ки чун ҷон рафт аз тани бози сӯй тан наме ояд
که چون جان رفت از تن باز سوی تن نمیآید
Набинад чашми зоҳирбини ҷароҳатҳои пинҳонам
نبیند چشم ظاهربین جراحتهای پنهانم
Ки бар ҷон мерасад ин захм бар гардан наме ояд
که بر جان میرسد این زخم بر گردن نمیآید
магӯӣед , эй мусулмонон ки мангар дар рухи хубон
مگویید، ای مسلمانان که منگر در رخ خوبان
Бад-ӣн мъзўр доредам ки ин аз ман наме ояд
بدین معزور داریدم که این از من نمیآید
Хиромон меравад дар чашм ва сад хори мижа дар раҳ
خرامان میرود در چشم و صد خار مژه در ره
Ки домани гираши онҳо як сар сӯзан наме ояд
که دامنگیرش آنها یک سر سوزن نمیآید
Қабои пӯшидаи ҳушам май барад , чун хоҳадам куштан
قبا پوشیده هوشم میبرد، چون خواهدم کشتن
Чаро як бор бо як тӯй пероҳан намеояд ?
چرا یک بار با یک توی پیراهن نمیآید؟
Аз онам равзани дида аз он торик ме бошад
از آنم روزن دیده از آن تاریک میباشد
Ки ҳеҷ он офтоби ман азин равзан наме ояд
که هیچ آن آفتاب من ازین روزن نمیآید
Маи ман , худ бигӯ , торик набӯд чун марои дида
مه من، خود بگو، تاریک نبود چون مرا دیده
Ки дар чашми ман он рухсора равшан наме ояд
که در چشم من آن رخساره روشن نمیآید
Дили девонаи хусрав ки дар занҷир зулфат шуд
دل دیوانه خسرو که در زنجیر زلفت شد
Ба сад занҷири он девона дар маскан наме ояд
به صد زنجیر آن دیوانه در مسکن نمیآید