Туро аз ваҷҳи дили бурдани варои ҳасан он бошад
ترا از وجه دل بردن ورای حسن آن باشد
Ки дигари хубрӯёнро надонам он чунон бошад
که دیگر خوبرویان را ندانم آن چنان باشد
Лбонти он чунон бӯсам ки ҷонам бар лабон ояд
لبانت آن چنان بوسم که جانم بر لبان آید
Канорати он замони гирам ки умрам дар миён бошад
کنارت آن زمان گیرم که عمرم در میان باشد
Ту худ кӣ бар серуми ое ва ин давлат диҳад дастам
تو خود کی بر سرم آیی و این دولت دهد دستم
Нисори хоки поятро каминаи тӯҳфа ҷон бошад
نثار خاک پایت را کمینه تحفه جان باشد
Биафшон ҷуръае , соқӣ , ки ое бар серуми рӯзӣ
بیفشان جرعه ای، ساقی، که آیی بر سرم روزی
Ки хишти қолабами хоки сари кӯй Муғон бошад
که خشت قالبم خاک سر کوی مغان باشد
Хаёли қаду рӯйишро даруни дида ҷо кардам
خیال قد و رویش را درون دیده جا کردم
Ки ҷои сарву гули он ба ки дар об равон бошад
که جای سرو و گل آن به که در آب روان باشد
зи ҳоли зори беморону зулфи шоми шбгирш
ز حال زار بیماران و زلف شام شبگیرش
Касе донад ки чун хусрави заъиф ва нотавон бошад
کسی داند که چون خسرو ضعیف و ناتوان باشد