Чу нақши сӯраташ дар об ва гул монад

چو نقش صورتش در آب و گل ماند

Дилам дар банди хубон чгл монад

دلم در بند خوبان چگل ماند

Бидон мем даҳон зад ғунчаи лофӣ

بدان میم دهان زد غنچه لافی

Ба сдрўи пеши он рӯ мунфаил монад

به صدرو پیش آن رو منفعل ماند

Гули сероби ман дар боғи бушковат

گل سیراب من در باغ بشکفت

Гули сад барг аз рӯйиш хаҷал монад

گل صد برگ از رویش خجل ماند

Хаданги ғамзаи таркони шикорӣ

خدنگ غمزه ترکان شکاری

Гузашт аз дил , вале пайкон ба дил монад

گذشت از دل، ولی پیکان به دل ماند

Чу дид он қад ва он қомати санавбар

چو دید آن قد و آن قامت صنوبر

зи ҳайрат дар чамани поиш ба гул монад

ز حیرت در چمن پایش به گل ماند

Ба шаҳри ишқ ҳар кӯ рафт , рӯзӣ

به شهر عشق هر کو رفت، روزی

Гирифтори ҳавоӣ муътадил монад

گرفتار هوای معتدل ماند

Ба қурбони хӯни хусрави рез , мандяш

به قربان خون خسرو ریز، مندیش

Ки қатл ӯ мубоҳу хӯн бҳл монад

که قتل او مباح و خون بحل ماند