Заҳри тани чашм ӯ ҷонро бдздд

زهر تن چشم او جان را بدزدد

Заҳри дили зулфаши имонро бдздд

زهر دل زلفش ایمان را بدزدد

Ҳазорон умр бояд музди дздидш

هزاران عمر باید مزد دزدیدش

Чу он айёри мо ҷонро бдздд

چو آن عیار ما جان را بدزدد

Бут маҳмил нишин зон раҳ ки рафтаи сет

بت محمل نشین زان ره که رفته ست

Раҳе хоҳад биёбонро бдздд

رهی خواهد بیابان را بدزدد

Гарм новак занад хоҳад дили ман

گرم ناوک زند خواهد دل من

Ки аз баси шавқи пайконро бдздд

که از بس شوق پیکان را بدزدد

Хуши он соъат ки аз вай бӯса хоҳам

خوش آن ساعت که از وی بوسه خواهم

Ваии он лабҳои хандонро бдздд

وی آن لبهای خندان را بدزدد

Чу дздонм кашад он дару гавҳар

چو دزدانم کشد آن در و گوهر

Чу гоҳи хандаи дандонро бдздд

چو گاه خنده دندان را بدزدد

Ғамати дуздидаи ақламро ки дидаи сет

غمت دزدیده عقلم را که دیده ست

Ки дузд ояд нигаҳбонро бдздд

که دزد آید نگهبان را بدزدد

зи шарми мардумон то чанд чашмам

ز شرم مردمان تا چند چشمم

Ба дидаи ашки ғалатонро бдздд

به دیده اشک غلطان را بدزدد

Нхспди каси шаб аз афғони хусрав

نخسپد کس شب از افغان خسرو

Агар чаҳ дар дили афғонро бдздд

اگر چه در دل افغان را بدزدد