Гуҳят аз ошноён ёд ноед
گهیت از آشنایان یاد ناید
Чунин бегона бӯдан ҳам нишоед
چنین بیگانه بودن هم نشاید
Ки дод он бахти хуши рӯзӣ ки мо ро
که داد آن بخت خوش روزی که ما را
з дар ҳамчун ту хуршедӣ дар ояд
ز در همچون تو خورشیدی در آید
Шабам кобстнаст аз қайди андӯҳ
شبم کابستن است از قید اندوه
Нпндозм казу субҳӣ барояд
نپندازم کزو صبحی برآید
Махон дар бӯстону боғам , эй дӯст
مخوان در بوستان و باغم، ای دوست
Ки онҷои ҳам дилам кам май кушояд
که آنجا هم دلم کم می گشاید
Забонӣ май даҳуми дилро , валикин
زبانی می دهم دل را، ولیکن
Наад бар ҷони зи дида чанд бояд
نهد بر جان ز دیده چند باید
Маро гуфтӣ ки ҷон май бояд аз ту
مرا گفتی که جان می باید از تو
Ман бечораро дигар чаҳ бояд
من بیچاره را دیگر چه باید
Сари он ноз бозӣ кардам , эй бод
سر آن ناز بازی کردم، ای باد
Ки марги ман турои бозии намояд
که مرگ من ترا بازی نماید
Раҳе бинмо ки натавон зист бе ту
رهی بنما که نتوان زیست بی تو
Валикини хешро май озмоид
ولیکن خویش را می آزماید
Нагирад ҷузи гирифторони дил ро
نگیرد جز گرفتاران دل را
Ғазалҳое ки хусрав ме сарояд
غزلهایی که خسرو می سراید