эй шаҳсавор , нарми тарки рони саманд ро

ای شهسوار، نرم ترک ران سمند را

Байни зери пои дидаи ин мустаманд ро

بین زیر پای دیده این مستمند را

То мардумон туранҷ набаранду дасти ҳам

تا مردمان ترنج نبرند و دست هم

Юсуфи рхо , кашида тарки рони саманд ро

یوسف رخا، کشیده ترک ران سمند را

Сарви баландро нарасад даст бар сарат

سرو بلند را نرسد دست بر سرت

Ин даст кӣ расад ба ту сарви баланд ро

این دست کی رسد به تو سرو بلند را

Пои гурезам аз шикани гесуӣ ту нест

پای گریزم از شکن گیسوی تو نیست

Май каши чунонкии хоҳии асири каманд ро

می کش چنانکه خواهی اسیر کمند را

Чашм аз ту давр , донаи дилгар з ту бсухт

چشم از تو دور، دانه دل گر ز تو بسوخت

Аз сӯхтан гурез набошад сапанд ро

از سوختن گریز نباشد سپند را

з омад шуд хаёли ту тарсам ки бе ғараз

ز آمد شد خیال تو ترسم که بی غرض

Қассоб парвариш накунад гӯсфанд ро

قصاب پرورش نکند گوسفند را

Панди касам ба дил нанишинад ки дили зи шавқ

پند کسم به دل ننشیند که دل ز شوق

Пар шуд чунонкӣ ҷой намондаст панд ро

پر شد چنانکه جای نماندست پند را

Дар ошиқии маломати хусрав буд чунонк

در عاشقی ملامت خسرو بود چنانک

Бар риши тоза доғ наҳй дардманд ро

بر ریش تازه داغ نهی دردمند را