Фарёд ки ишқи куҳна нав шуд

فریاد که عشق کهنه نو شد

Ҷон дар кафи ошиқӣ гарав шуд

جان در کف عاشقی گرو شد

Озурдаи дилӣ ки буд , гуми гашт

آزرده دلی که بود، گم گشت

Деринаи ғамӣ ки буд , нав шуд

دیرینه غمی که بود، نو شد

Ёрӣ ки зи мо ҳадис нашунӯд

یاری که ز ما حدیث نشنود

Андари ҳақи мо сухан шинав шуд

اندر حق ما سخن شنو شد

Рӯйиш дидам , дилами биФтод

رویش دیدم، دلم بیفتاد

Поиш ба чаҳ зқн ба гӯ шуд

پایش به چه ذقن به گو شد

Боди сари зулф ӯ биҷунбед

باد سر زلف او بجنبید

Сад хирмани сабри ҷӯ ба ҷӯ шуд

صد خرمن صبر جو به جو شد

Оварад сабои нишони кӯяш

آورد صبا نشان کویش

Ашкам бадвед ва пешрав шуд

اشکم بدوید و پیشرو شد

Додам ба қазои Аннани хусрав

دادم به قضا عنان خسرو

Чун аспи нишоти тез ду шуд

چون اسپ نشاط تیز دو شد