Ҳар ки дамӣ ба ёди он дилбари ма лақо занад
هر که دمی به یاد آن دلبر مه لقا زند
Шоҳи пиёда бар дараш ояд ва марҳабо занад
شاه پیاده بر درش آید و مرحبا زند
Дар ҳамаи умри як нафас рӯй нтобам аз дараш
در همه عمر یک نفس روی نتابم از درش
Гар ду ҳазор муддаӣ таънаам аз қафо занад
گر دو هزار مدعی طعنه ام از قفا زند
Бар гули тозаи рангу бӯи баргу наво агар набӯд
بر گل تازه رنگ و بو برگ و نوا اگر نبود
Лофи муҳаббат аз чаҳ рӯи булбул хуш навозанд
لاف محبت از چه رو بلبل خوش نوازند
ҲмнФсии зи кӯй ӯ ғайри сабо надида ам
همنفسی ز کوی او غیر صبا ندیده ام
Кӯи нафасӣ ба пешам аз раҳгузар сафо занад
کو نفسی به پیشم از رهگذر صفا زند
Нола зор шуд равони ҷониби дӯст , эй сабо
ناله زار شد روان جانب دوست، ای صبا
Зуди расон ки ҳалқае бар дар ошно занад
زود رسان که حلقه ای بر در آشنا زند
Сайли сиришку хӯни дил чанд буд раво , бигӯ
سیل سرشک و خون دل چند بود روا، بگو
То ки з рӯй мардумии дида ба рӯй мо занад
تا که ز روی مردمی دیده به روی ما زند