Фаррухи он идӣ ки ҷони қурбонии ҷонон буд

فرخ آن عیدی که جان قربانی جانان بود

Хуррами он ҷонӣ ки пеши некӯони қурбон буд

خرم آن جانی که پیش نیکوان قربان بود

Чун нагӯяд нозанини ман мубораки боди ид

چون نگوید نازنین من مبارک باد عید

Ҷони шукр резӣ кунад , дидаи гулоби афшон буд

جان شکر ریزی کند، دیده گلاب افشان بود

Базлаи гӯйу ишваи созу шӯхи чашму ғамзаи зан

بذله گوی و عشوه ساز و شوخ چشم و غمزه زن

Хубрӯе кин чунин бошад балои ҷон буд

خوبرویی کاین چنین باشد بلای جان بود

Оби чашмами рӯзи ид аз остонаши боздошт

آب چشمم روز عید از آستانش بازداشت

Боз дорад аз салои идӣ ки дар борон буд

باز دارد از صلا عیدی که در باران بود

Ҷон диҳад , ҷоно , даҳонат ҳар киро шарбат диҳад

جان دهد، جانا، دهانت هر که را شربت دهد

Инчунин шарбат набошад , чашмаи ҳайвон буд

اینچنین شربت نباشد، چشمه حیوان بود

Баҳри шодии сӯрати маймуни ту ҳар рӯз нест

بهر شادی صورت میمون تو هر روز نیست

Ид то солӣ , чаҳ ғам бошад , агар қурбон буд

عید تا سالی، چه غم باشد، اگر قربان بود

Рӯ ба гоҳи теғ рондани сӯии қурбонии мадор

رو به گاه تیغ راندن سوی قربانی مدار

То магари ҷон додан он бечораро осон буд

تا مگر جان دادن آن بیچاره را آسان بود

Дӯстон аз суҳбати мо ,гар чаҳ озод омаданд

دوستان از صحبت ما، گر چه آزاد آمدند

То зайди хусрав , ғулому бандаи эшон буд

تا زید خسرو، غلام و بنده ایشان بود