Зулфи гирди занахаши дӯш ки гмраҳ шуда буд
زلف گرد زنخش دوش که گمره شده بود
эй басои ташна казон риштаи фаро чаҳ шуда буд
ای بسا تشنه کزان رشته فرا چه شده بود
Ғами заҳри сӯй дар омад ки з омад шуд бод
غم زهر سوی در آمد که ز آمد شد باد
Дили вайрони маро ҳар тарафии раҳ шуда буд
دل ویران مرا هر طرفی ره شده بود
Ҳам дарон рӯз дилам зад ки ба малики ҳасанаш
هم دران روز دلم زد که به ملک حسنش
Фитнаи ҷосусу балои ҳоҷиби дарга шуда буд
فتنه جاسوس و بلا حاجب درگه شده بود
Оқибати ёр ҳамон кард ки тарсидам аз он
عاقبت یار همان کرد که ترسیدم از آن
Пеши азин гӯй ки аз ҷони ман огаҳ шуда буд
پیش ازین گوی که از جان من آگه شده بود
Токунӯн аз пай умед кашидам , варна
تاکنون از پی امید کشیدم، ورنه
Корам аз давлати ҳиҷронати ҳмонгаҳ шуда буд
کارم از دولت هجرانت همانگه شده بود
Гар чаҳ дар ғайбати дили ҷаври басии барадам , лек
گر چه در غیبت دل جور بسی بردم، لیک
Бории он душманами алмнти ллаҳ шуда буд
باری آن دشمنم المنت لله شده بود
Офатӣ буд ҷамолаш ки дилами барад , оре
آفتی بود جمالش که دلم برد، آری
Хусрав аз хеш на девонау аблаҳ шуда буд
خسرو از خویش نه دیوانه و ابله شده بود