Гар сари зулфи ту аз бод парешон нашавад
گر سر زلف تو از باد پریشان نشود
Халқи бечораи чунин бедил ва ҳайрон нашавад
خلق بیچاره چنین بیدل و حیران نشود
Ваа азон рӯй марои ҷон ба лаб омад , ёрб
وه ازان روی مرا جان به لب آمد،یارب
Ки гирифтор ба дили ҳеҷ мусулмонон нашавад
که گرفتار به دل هیچ مسلمانان نشود
эй мусулмонон , он мӯӣ бабандед охир
ای مسلمانان، آن موی ببندید آخر
Чаҳ кунад , ин дили мискин ки парешон нашавад ?
چه کند، این دل مسکین که پریشان نشود؟
Ман гуноҳи дили девона худ ме донам
من گناه دل دیوانه خود می دانم
Ъшқбозсту ҳамаи умр ба сомон нашавад
عشقبازست و همه عمر به سامان نشود
Ёрб , аз ранҷи дил моаш нагирӣ , ҳар чанд
یارب، از رنج دل ماش نگیری، هر چند
Ки ҷафоҳо кунад ва ҳеҷ пушаймон нашавад
که جفاها کند و هیچ پشیمان نشود
Мардумон дар ману беҳӯшӣ ман ҳайронанд
مردمان در من و بیهوشی من حیرانند
Ман дар он кас ки туро бинад ва ҳайрон нашавад
من در آن کس که ترا بیند و حیران نشود
Ҳам ба ҳақи намаки худ ки нигаҳдори дилам
هم به حق نمک خود که نگهدار دلم
Гар чаҳ кас бар ҷигари сӯхта меҳмон нашавад
گر چه کس بر جگر سوخته مهمان نشود
Андарин қаҳти вафогар чаҳ ки тӯфони орм
اندرین قحط وفا گر چه که طوفان آرم
Ҳаргизи ин нарх дар айёми ту арзон нашавад
هرگز این نرخ در ایام تو ارزان نشود
Лиззат ишқ ндонанд асирони мурод
لذت عشق ندانند اسیران مراد
Ки магас қанд биҷӯед , ба намакдон нашавад
که مگس قند بجوید، به نمکدان نشود
Хусрави оҳӯии рамидаи сети зи хубон ки бирав
خسرو آهوی رمیده ست ز خوبان که برو
Гар дил шер наҳй , беш парешон нашавад
گر دل شیر نهی، بیش پریشان نشود