Чаҳ кунад дил ки ҷафои ту таҳаммул кунад
چه کند دل که جفای تو تحمل کند
Ки агар ҷони талабӣ , банда тааммул накунад
که اگر جان طلبی، بنده تامل نکند
Воҷибаст ар даҳан ғунча бидӯзанд ба хор
واجب است ار دهن غنچه بدوزند به خار
То дар айёми ҷамолати сухан гул накунад
تا در ایام جمالت سخن گل نکند
Ҳар киро чашм ба рухсори гулии сурх шуда аст
هر که را چشم به رخسار گلی سرخ شده است
Шояд ар айби сияҳи рӯе булбул накунад
شاید ار عیب سیه رویی بلبل نکند
Кӯҳи ғами гаштам ва он май кашам аз ҳар мӯят
کوه غم گشتم و آن می کشم از هر مویت
Ки сари мӯе аз ани гӯна таҳаммул накунад
که سر مویی از ان گونه تحمل نکند
Дам ба дами сӯхти асирӣ ки шикеб набӯд
دم به دم سوخت اسیری که شکیبا نبود
Дар ба дар гашти асирӣ ки таваккул накунад
در به در گشت اسیری که توکل نکند
Зини дами сарди ҳазар то накунад он бар ту
زین دم سرد حذر تا نکند آن بر تو
Ки дами боди хазон бо гул ва сунбул накунад
که دم باد خزان با گل و سنبل نکند
Нагзарад хайли хаёли ту ба чашми ман , агар
نگذرد خیل خیال تو به چشم من، اگر
Дида бар оби зи сангини тани ман пул накунад
دیده بر آب ز سنگین تن من پل نکند
Кор хусрав бишуд аз даст , ту доне , гуфтам
کار خسرو بشد از دست، تو دانی، گفتم
То хаёли ту дарин кор тағофул накунад
تا خیال تو درین کار تغافل نکند