Бошад он рӯз ки он фитна ба мо боз ояд
باشد آن روز که آن فتنه به ما باز آید
Лек аз онгуна ки ӯ рафт , куҷо боз ояд ?
لیک از آنگونه که او رفت، کجا باز آید؟
Рафту боз омаданаш то ба қиёмат набӯд
رفت و باز آمدنش تا به قیامت نبود
эй қиёмат , ту биёи зуд ки то боз ояд
ای قیامت، تو بیا زود که تا باز آید
эй сабо , аз сари он кӯии ғуборӣ ба ман ор
ای صبا، از سر آن کوی غباری به من آر
Магари ин дил ки з ҷо рафт ба ҷо боз ояд !
مگر این دل که ز جا رفت به جا باز آید!
Ёрб , ин сарв дар он боғ на танҳо мондаи сет
یارب، این سرو در آن باغ نه تنها مانده ست
Бози пурсами хабар аз боди сабо , боз ояд
باز پرسم خبر از باد صبا، باز آید
Чанд рӯзаст казин сӯ гузарӣ ме накунад
چند روز است کزین سو گذری می نکند
Боз гуед , магари ҷониби мо боз ояд !
باز گویید، مگر جانب ما باز آید!
Хсрўо , рафтан ӯ на зи пеш омадан аст
خسروا، رفتن او نه ز پیش آمدن است
Ба дуои соз , худоё , ба дуо боз ояд
به دعا ساز، خدایا، به دعا باز آید