Умри нави гашти марои боз ки ҷон боз омад

عمر نو گشت مرا باز که جان باز آمد

Вази пас умрии он ҷони ҷаҳон боз омад

وز پس عمری آن جان جهان باز آمد

Раҳи даҳ , эй дидау хори мижаро як сӯ кун

ره ده، ای دیده و خار مژه را یک سو کن

Ки хиромону хуши он сарви равон боз омад

که خرامان و خوش آن سرو روان باز آمد

Ҷони ман чашм аз онгаҳ ки ба рӯй ту фитод

جان من چشم از آنگه که به روی تو فتاد

Ҷузи ту дар ғайр тавон дид ? аз он боз омад

جز تو در غیر توان دید؟ از آن باز آمد

Бози номади дили ман ,гар чаҳ ба Кувайти садбор

باز نامد دل من، گر چه به کویت صدبار

Шодмон рафт ва ба фарёду фиғон боз омад

شادمان رفت و به فریاد و فغان باز آمد

Ҳар касам гӯям бози ой азон то барраӣ

هر کسم گویم باز آی ازان تا برهی

Гар дил инаст ки дорам натавон боз омад

گر دل این است که دارم نتوان باز آمد

Бандаи хусрав ки зи ту дида бапушед ва бирафт

بنده خسرو که ز تو دیده بپوشید و برفت

Чун муяссар нашудаш , нолаи кунон боз омад

چون میسر نشدش، ناله کنان باز آمد