Ҳар крои доъияи дарди талаб пайдо шуд
هر کرا داعیه درد طلب پیدا شد
Оқилони ҷумла бар онанд ки ӯ шайдо шуд
عاقلان جمله بر آنند که او شیدا شد
Оташи ишқи з ҳар сина ки зад шуълаи меҳр
آتش عشق ز هر سینه که زد شعله مهر
Гар ҳамаи субҳ мубинаст ки ӯ расво шуд
گر همه صبح مبین است که او رسوا شد
Пеши рафтори ту , эй оби равон аз ту хаҷал
پیش رفتار تو، ای آب روان از تو خجل
Гар нашуд сарв чаро сокину по бар ҷо шуд ?
گر نشد سرو چرا ساکن و پا بر جا شد؟
Чашми наргис ба гул рӯй ту май байнами боз
چشم نرگس به گل روی تو می بینم باز
Ҳамчуи ёқӯб ки аз буии писар бино шуд
همچو یعقوب که از بوی پسر بینا شد
Аз хато буд ки дар чини сари зулфи ту бод
از خطا بود که در چین سر زلف تو باد
Рафту занҷири каши силсила савдо шуд
رفت و زنجیر کش سلسله سودا شد
Соқио , бодаи мпимоӣ ки бадномии мо
ساقیا، باده مپیمای که بدنامی ما
Бар сари кӯии ту афсона кишварҳо шуд
بر سر کوی تو افسانه کشورها شد
Дили хусрав ба куҷо рафт ки аз танагии ишқ ?
دل خسرو به کجا رفت که از تنگی عشق؟
Ҳамчуи нақши даҳанат кам зад ва нопидо шуд
همچو نقش دهنت کم زد و ناپیدا شد