Ман ба ёри худу ағёр ба худ май печад
من به یار خود و اغیار به خود میپیچد
Маст дар ъушрату ҳушёр ба худ май печад
مست در عشرت و هشیار به خود میپیچد
Мӯии печида буд гирд майонаш доим
موی پیچیده بود گرد میانش دائم
Аҷабӣ нест , балӣ , мор ба худ май печад
عجبی نیست، بلی، مار به خود میپیچد
Сари зи тоби рахт аз зулфи ту печида , аҷаб
سر ز تاب رخت از زلف تو پیچیده، عجب
Зон ки мӯ аз асари нор ба худ май печад
زان که مو از اثر نار به خود میپیچد
Ҳар сиррӣ аз қидмат давр фитод аз сари дард
هر سری از قدمت دور فتاد از سر درد
Дар такопуӣ чу дастор ба худ май печад
در تکاپوی چو دستار به خود میپیچد
Ман лабат май газаму чашми ту дар хашм , балӣ
من لبت میگزم و چشم تو در خشم، بلی
Буи ҳалвост ки бемор ба худ май печад
بوی حلواست که بیمار به خود میپیچد
Фоши дайни лабат аз зулфи чилипоӣ ту шуд
فاش دین لبت از زلف چلیپای تو شد
Зон ки аз мӯии ту зуннор ба худ май печад
زان که از موی تو زنار به خود میپیچد
Сифати мӯии ту хусрав чу ба тӯмор навишт
صفت موی تو خسرو چو به طومار نوشت
Сабаб онаст ки тӯмор ба худ май печад
سبب آن است که طومار به خود میپیچد