эй ки бар ман ҷаври ту бисёр шуд
ای که بر من جور تو بسیار شد
Зорем бишинав ки корам зор шуд
زاریم بشنو که کارم زار شد
Ман ки андари сари ҷунунии доштам
من که اندر سر جنونی داشتم
Хоссаи савдои ту бо он ёр шуд
خاصه سودای تو با آن یار شد
То лабат бар нуқтаи ҷон хат кашид
تا لبت بر نقطه جان خط کشید
Нуқтаи ҷони ман аз паргор шуд
نقطه جان من از پرگار شد
То ту даст ва по наҳодӣ ҳасан ро
تا تو دست و پا نهادی حسن را
Некӯонро дасту по бекор шуд
نیکوان را دست و پا بیکار شد
Дӯш пинҳон мекашидам зулфи ту
دوش پنهان می کشیدم زلف تو
Чашми мастати ногаҳон бедор шуд
چشم مستت ناگهان بیدار شد
Аз азизии мардуми чашми манӣ
از عزیزی مردم چشم منی
Гар чаҳ дар чашми ту мардум хор шуд
گر چه در چشم تو مردم خوار شد
Хусрав аз абрӯӣ худ созад камон
خسرو از ابروی خود سازد کمان
Пас ба пеши хусрав ховар кашад
پس به پیش خسرو خاور کشد